Thursday, January 3, 2019

सोनिया गाँधी का अनिल अम्बानी कनेक्शन जो राहुल को अच्छा नहीं लगा

जब कांग्रेस सत्ता में थी सोनिया गांधी सुपर पीएम बनकर रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रही थी उस समय इसी कांग्रेस पार्टी ने अनिल अंबानी को एक लाख करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट दे दिए थे और उन दिनों सोनिया गांधी अनिल अंबानी के निजी जेट से मुफ्त में यात्राएं किया करती थी।
आज राहुल गांधी, अनिल अंबानी पर आक्रमक हुए बैठे हैं और झूठे आरोप लगा रहे हैं कि उसे तीस हजार करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला,
जबकि वास्तव में पूरे ऑफसेट की कीमत 29 हजार करोड़ है उसमें से डसॉल्ट को निवेश करना है 8400 करोड़, और यह 8400 करोड़ डसाल्ट 56 भारतीय कंपनियों संग साझा कर रहा है
जिसमें से अनिल अंबानी की कंपनी को केवल 8% के कॉन्ट्रैक्ट मिले हुए हैं, तो फिर यह 30 हजार करोड़ का झूठा आरोप लगाकर लगाकर राहुल गांधी अनिल अंबानी के संग कोई दुश्मनी तो नहीं निकाल रहे हैं ?
क्या कारण है कि जो अनिल अंबानी कभी कांग्रेस और सोनिया गांधी की आंखों का तारा था, उनका इतना प्रिय था कि वह उसी के निजी विमान में यात्राएं किया करती थी, आज उन्हीं सोनिया गांधी का बेटा अनिल अंबानी के पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगा रहा है ?
कहीं ऐसा तो नहीं कि सोनिया गांधी और अनिल अंबानी के बीच संबंध अब ठीक नहीं रहे और राहुल गांधी उसीका बदला निकाल रहे हैं ?
या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि राहुल गांधी को सोनिया गांधी और अनिल अंबानी के बीच के संबंधों के बारे में कुछ ऐसी बातें पता चली जो उन्हें अच्छी नहीं लग रही है, और इसलिए वो अनिल अंबानी से बदला निकालने के लिए यह अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं ?
https://m.economictimes.com/…/…/amp_articleshow/66172595.cms

Wednesday, January 2, 2019

कांग्रेस मंत्री ममता भूपेश: "मेरी जाती ही मेरी प्राथमिकता है"

कांग्रेस की राजस्थान सरकार में मंत्री ममता भूपेश का कहना है कि "मेरी जाती ही मेरी प्राथमिकता है"
किसी क्रांतिकारी पत्रकार, मीडिया मुग़ल, सेक्युलर लिब्रल, बुद्धिजीवी ने इसे कोई महत्व नही दिया और कुटिलता से इस वक्तव्य को दबा दिया गया,
यदि BJP के किसी बूथ लेवल वर्कर ने भी ऐसा कह दिया होता तो अभी तक पूरी भाजपा को एक जाति की पार्टी बताकर देश भर के लोगों को उसके विरुद्ध भड़काने का और आगजनी फैलाने का कार्य विपक्षी दलों, बुद्धिजीवियों, कम्युनिस्टों, समाजिक कार्यकर्ताओं ने आरंभ कर दिया होता और मीडिया उस आग में तेल डालने के कार्य मे लग चुका होता।
अब विडंबना देखिये की जिस कांग्रेस पार्टी के लोग ऐसी मानसिकता रखते हैं, वही कांग्रेस पार्टी BJP पर साम्प्रदायिक व् जातिगत भेदभाव का आरोप लगाती है।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

कर्ज माफ़ी के नाम पर कांग्रेस द्वारा छले गए किसान के शब्द

चाणक्य ने कहा था
"सदैव दूसरों की गलतियों से सीख लो, यदि स्वयं की गलतियों से सीख लेने का प्रयास किया तो तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी"
यहां पर इस वीडियो में आप मध्य प्रदेश के इस किसान की बात सुनिये जो अभी संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को वोट देकर आया है, क्योंकि उसे इस बात का लालच था कि उसका कर्जा माफ हो जाएगा,
और अब जब कांग्रेस की सरकार राज्य में बन चुकी है तब उसे पता चला कि जिन नियमों व् शर्तों के अनुसार कांग्रेस द्वारा कर्ज माफी की जा रही है उससे मुश्किल से मात्र 3% कर्जधारक किसानों को ही लाभ मिलेगा, और बाकी के 97% कर्जदार किसान केवल हाथ मलते रह जाएंगे,
आज यह बेचारा स्वयं स्वीकार कर रहा है की इसे शौंचालय और मकान भाजपा ने बनवाकर दिया,
जो बिजली, पानी व यूरिया की सुविधाएं इसे सुलभता से भाजपा के शासन में मिल रही थी वो सब कांग्रेस राज में नदारद हैं,
और आज बेचारा वही कांग्रेस को वोट देने वाला किसान कांग्रेस की सरकार बनने के बाद
अपने खेतों की सिंचाई हेतु कभी बिजली के लिए गिड़गिड़ा रहा है,
तो कभी इन सर्दियों के दिनों में घण्टों लाइनों में लगकर पुलिस की लाठियां खा रहा है
और उसके बाद दोगुने-तिगुने दाम पर ब्लैक में यूरिया खरीदने को विवश है।
इस किसान के शब्द और इसकी स्थिति देश की बाकी जनता के लिए एक ज्वलंत उदाहरण है जिनपर आगामी लोकसभा चुनाव में वोट डालकर नई केंद्र सरकार चुनने का दायित्व है, आशा है कि वह कांग्रेस द्वारा इन जैसे ठगे गए किसानों की गलतियों से सीख लेकर कांग्रेसी लालच में आये बिना अपने विवेक का उपयोग कर उचित निर्णय लेंगे।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

इस्लामिक पत्रकारों का पाखंड

भारत के न्यायालय, सेक्युलर, लिबरल, बुद्धिजीवी, वामपंथी, फेमिनिस्ट ब्रिगेड के अनुसार भारत में स्थित हजारों अय्यप्पा मंदिर में से मात्र एक मंदिर में महिलाओं का अंदर ना जा पाना महिलाओं के अधिकारों का हनन है और लैंगिक भेदभाव है....
किंतु उसी भारत में स्थित करोड़ मस्जिदों में शांतिदूत महिलाओं का प्रवेश पूर्णता निषेध होना, छोटी बात है, शांतिदूतों का धार्मिक विषय है, और उनकी इस इस धार्मिक मान्यता का सम्मान होना चाहिए।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

सबरीमाला: वामपथियों द्वारा हिंदू आस्था व् हिन्दुओं पर आक्रमण

केरल में सबरीमाला मंदिर की परंपरा तोड़ने के बाद, केरल की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी CPIM के कार्यकर्ता, प्रदर्शनकारी हिन्दू आयप्पा भक्तों की पत्थर मारकर हत्याएं कर रहे हैं,
और केरल की दमनकारी वामपंथी सरकार के विरोध में व् हिन्दू आयप्पा भक्तों के समर्थन में सड़कों पर निकलकर आये भाजपा कार्यकर्तों की हत्याएं इस्लामिक जेहादी संगठन SDPI के कार्यकर्ता चाकुओं से गोदकर कर रहे हैं
केरल में सबरीमाला पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आयप्पा भक्त चन्द्रन उन्नीथन की पत्थर मार-मारकर हत्या करने में 2 CPIM कार्यकर्ता पकड़े गये हैं,
और उन्ही सबरीमाला प्रदर्शनकारियों के समर्थन और रक्षा हेतु निकलकर आये भाजपा कार्यकर्ताओं में से 3 भाजपा कार्यकर्ताओं को जेहादी संगठन SDPI के कार्यकर्ताओं ने चाकुओं से गोद दिया, पकड़े गए जिहादियों का नाम फैजल, मोइनुद्दीन और नवाब है।

बड़े-बड़े प्रकांड हिंदू संत, बाबा, कथा-वाचक, शंकराचार्य, कई महंत जो विभिन्न विषयों पर कांग्रेस के संग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं और हिंदुत्व के प्रखर ध्वजवाहक स्वघोषित योद्धा कितनी ही बड़ी-बड़ी बातें कर ले, भाजपा पर कितने आरोप लगा ले, उसे कितना ही निकम्मा बोल लें,
किंतु वास्तविकता यह है कि जब-जब हिंदुओं व् हिंदुत्व पर विपदा आती है तो अंत में भाजपा/आरएसएस के ही लोग उनकी सहायता हेतु सड़कों पर उतरते हैं, और यह सब गणमान्य महानुभव उस संकट काल में अपने अपने बिलों में दुबक जाते हैं और सब कुछ शांत होने के बाद ही अपने बिलों से निकलकर बकैती काटते हैं
चाहें:
⭕️ हिंदुओं के दमन हेतु बनवाए गए कम्युनल वायलेंस बिल, अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून को रोकना हो
⭕️समाजवादी शासन में हुए मुजफ्फरनगर दंगे हों
⭕️केरल में आई बाढ़ हो
⭕️बंगाल में जिहादियों द्वारा दमन झेल रहे हिंदू हो
⭕️असम में जिहादी बांग्लादेशी घुसपैठियों के हाथों पीड़ित हिंदू की सहायता हो
⭕️ जम्मू कठुआ में फर्जी आसिफा केस उछाल कर हिंदुओं का जबरी पलायन करवाने का षड्यंत्र हो
⭕️राम सेतु को तोड़ने का षड्यंत्र विफल करना हो
⭕️ राम मंदिर हेतु वर्षों तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में केस लड़ना हो
आप चाहें तो अपनी स्मृति को पीछे इन सभी घटनाओं की ओर ले जा सकते हैं, उस समय के समाचार पत्र, मीडिया हेडलाइंस देख सकते हैं,एकत्र कर सकते हैं,
आपको समझ में आ जाएगा कि हिंदुओं के पक्ष में उस समय कौन खड़ा हुआ था और सबरीमाला पर भी आज हिंदुओं के पक्ष में कौन खड़ा हुआ है,
किंतु विडंबना यह है कि वही हिंदू समाज आज तक अपने वास्तविक शुभचिंतक को पहचान ही नहीं सका है और समय-समय पर अपने उसी शुभचिंतक को धोखे देना और उसे कमज़ोर करना उसकी प्रकृति का एक भाग बन चुका है।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳




Tuesday, January 1, 2019

रफाल की विशेषता व् प्रमुख हथियार

हम सबने रफाल का नाम और इसपर व्यर्थ की कंट्रोवर्सी के विषय में तो बहुत सुना है, हममे से कई लोग इस विमान की विशेषताओं से भी परिचित हैं जैसे:
☀️ लो RCS(राडार क्रोस सेक्शन) और लो इंफ्रारेड सिग्नेचर जिसके कारण ये स्टेल्थ क्षमता युक्त विमान आसानी से रडार पर नही आता,
☀️ डेल्टा विंग डिज़ाइन के कारण इसकी उच्च मनुवरेबल क्षमता,
☀️ इसके RBE2-AA एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड ऐरे रडार के विषय में भी सुना है जिसकी टारगेट डिटेक्शन रेंज 200 किमी+ है, एक बार में 40 टारगेट ट्रैक कर सकता है, एक ही समय में 8 टारगेट को एकसाथ इंगेज कर सकता है, लो ऑब्ज़र्वेबल टारगेट भी डिटेक्ट कर सकता है, और इसका रडार बड़ी डिटेक्शन वेव्स उतपन्न करता है जिसके कारण इसे जैम करना कठिन है,
☀️ इसके इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट SPECTRA के विषय में सुना है जो राफाल को इंफ्रारेड होमिंग, लेज़र, रेडियो फ्रिकवेंसी जैसे खतरों से बचाता है और ऐसी थ्रेट्स को दूर से ही एकदम सटीक पहचान लेता है और ये राडार वार्निंग रिसीवर, लेज़र वार्निंग रिसीवर, मिसाईल एप्परोच वार्निंग, के साथ फेज़ड ऐरे रडार जैमर से युक्त है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ही डीकॉय प्रयोग कर देता है।
☀️ ग्राउंड अटैक हेतु राफाल के Thales Damocles टार्गेटिंग पॉड के विषय में सुन रखा है जो उत्कृष्ट परफॉर्मेंस देता है और लंबी दूरी का लेज़र डेसिग्नेटर, इंटीग्रेटेड नैविगेशन , हाई रज़ोल्यूशन इमेजरी उपलब्ध करवाने के साथ पेववे, लेज़र गाइडेड बम, इमेजरी गाइडेड बम, AASM GPS/INS गाइडेड हथियार प्रयोग करने में सक्षम है,
और रियल टाइम में युद्ध क्षेत्र की इमेजरी गराउंड स्टेशन्स को भेज सकने के साथ ही लेज़र वेपन्स को 16 किमी की लम्बी रेंज तक गाइड करने के अलावा 27 किमी दूर से आर्मर्ड वेहिकल्स की टारगेट कर सकता है और उसी रेंज पर पोस्ट स्ट्राईक विश्लेषण करने में भी सक्षम है
☀️ इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैकिंग हेतु राफाल OSF (Optronique secteur frontal) का प्रयोग करता है, इसका बाईं ओर का प्रमुख इंफ्रारेड डिटेक्टर एयर टारगेट को पैसिव सर्च में 100+ किमी दूर से ट्रैक कर सकता है और दाईं ओर के इंफ्रारेड सेंसर की क्षमता 40+ किमी है जिसमे लेज़र रेंजफाइंडर सम्मिलत है और जिसके द्वारा राफाल बिना टारगेट से इंगेज हुए ही उसे पहचान सकता है
किंतु इस सबके अतिरिक्त क्या आप जानते हैं कि राफाल के आर्सेनल में दो सबसे घातक कन्वेंशनल हथियार कौन से है ?
पहला है
☀️ विश्व की सबसे उन्नत MBDA की Meteor बियोंड विज़ुअल रेंज एयर-एयर मिसाईल,
इस मिसाइल की गति ध्वनि की गति से चार गुनी अधिक है यानी कि mach-4,
इसकी नो एस्केप रेंज 100 किलोमीटर है यानी कि यदि टारगेट 100 किलोमीटर के अंदर है तो कुछ भी मनुवर करने के बावजूद उसका बच के निकलना असंभव हो जाता है, विश्व में केवल एक ही मिसाइल है जिससे इसकी तुलना हो सकती है अब वह है अमेरिकन A120D किन्तु उसकी नो एस्केप ज़ोन Meteor से एक तिहाई है।
यह रैमजेट इंजन पर आधारित है जो ठोस ईंधन पर चलता है, किन्तु लांच के बाद यह अपने एयर इनलेट खोलकर इंजन में ऑक्सीजन जलाकर गति प्राप्त करने लगता है जिसके कारण ये ध्वनि की गति से 4 गुनी अधिक गति प्राप्त कर लेता है, और इसकी ये गति ही इसके टारगेट को बच निकलने का कोई अवसर नही देती,
Metoer का ऑनबोर्ड डेटा लिंक इसे निरन्तर अपने टारगेट की लोकेशन से अवगत कराता रहता है और उसीके अनुसार Meteor अपने टारगेट की ओर बढ़ते हुए उसकी उपस्थिति और बदलती हुई दिशा के अनुसार अपना पाथ टारगेट की लोकेशन के अनुसार ही बदलती रहती है,
पूरे दक्षिण एशिया में किसी भी देश के पास Meteor की बराबरी कर सकने वाली इस श्रेणी की बियोंड विज़ुअल रेंज एयर टु एयर मिसाइल नही है, और इसीलिए यह भारतीय वायु सेना के लिए एक गेमचेंजर अस्त्र है
☀️ दूसरा हथियार है MBDA की स्टॉर्म शैडो/ SCALP फायर एंड फॉरगेट, एयर लांच क्रूज़ मिसाइल,
जिसकी ऑपरेशनल रेंज 560 किमी से अधिक है
टर्बोजेट इंजनयुक्त इस मिसाइल की गति है 1000 किमी/घण्टा
इसकी विशेषता यह है की 1000किमी/घण्टे की गति से चलते हुए भी ये टेरेन मैपिंग का प्रयोग कर सतह के निकट रहकर नीची उड़ान भरते हुए आगे बढ़ती है, जिसके कारण इसे राडार पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है,
साथ ही 560 किमी + लॉन्ग रेंज की क्षमता के कारण ये दूर स्थित महत्वपूर्ण टारगेट को ध्वस्त कर सकती है,
SCALP 450 किलो के भीमकाय वारहेड के साथ आती है जो इसे भीषण विध्वंस करने में सक्षम बनाती है, यह एक मिसाइल 45 बंकर तक पूर्णतः ध्वस्त कर सकती है,
पूरी मिसाइल का वजन 1300 किलो तक होता है,
ISIS के विरुद्ध इसी SCALP मिसाइल का प्रयोग हुआ था और इसने अपनी क्षमता प्रमाणित भी की थी।
यह तो थी कन्वेंशनल वेपन्स की बात, किन्तु राफाल की एक विशेषता यह भी है कि ये न्यूक्लियर अटैक करने में सक्षम है और WMD यानी वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन भी समय आने पर प्रयोग कर सकता है , और अब यदि राफाल के आर्सेनल में सबसे घातक नॉन कन्वेंशनल वेपन यानी न्यूक्लियर वेपन की बात करें तो वो है
☀️ ASMP-A न्यूक्लियर मिसाईल
जिसकी रेंज 500+ किमी है,
गति ध्वनि से तीन गुना अधिक है यानी mach-3,
वजन 860 किलो है,
अपने साथ 300 किलोटन का थर्मो-न्यूक्लियर वारहेड लेकर जा सकती है,
यह सुपरसोनिक मिसाइल रैमजेट इंजन युक्त है जो
लिक्विड ईंधन पर काम करता है।
यही वो हथियार हैं जिनके भारत के पास आ जाने से लंबे समय के लिए दक्षिण एशिया में एरियल वारफेयर के डायनेमिक्स ही बदल जाएंगे, और भारतीय वायु सेना दक्षिण एशिया में पुनः एक अनमैच्ड डोमिनेटिंग फोर्स बनकर उभरेगी।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳






सत्ता मिलते ही कांग्रेस ने वंदे मातरम किया प्रतिबंधित

इतना हंगामा क्यों है ?
जिस कांग्रेस की रैलियों में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते रहे हों, पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद जिनके पक्ष में बयान देता हो, वो कांग्रेस "वंदे मातरम" बंद नहीं करेगी, तो और कौन करेगा ?
इसपे कोई अचरज नहीं होना चाहिए, मुझे अचरज तो इस बात पर है कि, यह सब कुछ होगा, जानते हुए भी लोग कांग्रेस को वोट देकर आये, किंतु उससे भी अधिक अचरज उन प्रखर राष्ट्रवाद की मशाल थामे लोगों पर है जो अच्छी खासी राजनीतिक समझ रखने के बावजूद उसी कांग्रेस के विजय पथ के निर्माण हेतु लोगों को नोटा के लिए प्रेरित करते थे, और आज भी उसी प्रयास में लगे हुए हैं।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

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