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Saturday, January 5, 2019

गांधी परिवार, रक्षा सौदे, हथियार दलालों व् बिचौलियों से संबंध और घोटाले।

#जीप_घोटाला, देश का पहला घोटाला था जो #जवाहरलाल_नेहरू के कालखंड में हुआ और उसमें बिचौलिया थे नेहरू के करीबी मित्र व् तत्कालीन #ब्रिटेन में #भारत के उच्चायुक्त वीके कृष्ण मैनन, और उस घोटाले के सफल एग्जीक्यूशन के बाद ही #नेहरू ने वीके कृष्ण मैनन को प्रमोशन देकर अपने कैबिनेट में स्थान दे दिया।
#बोफोर्स_घोटाला, यह घोटाला #राजीव_गांधी के कालखंड में हुआ था इसमें बिचौलिया था इटालियन उद्योगपति #क्वात्रोची, जो राजीव गांधी की इटालियन बीवी सोनिया गांधी का पारिवारिक मित्र था, और सोनिया गांधी जब इटली से भारत आयी तो दहेज में #ओटावियो_क़वात्रोचि को साथ लेकर आई थी, क़वात्रोचि उसी छत के नीचे रहता था जिस छत के नीचे सोनिया गांधी और राजीव गांधी रहा करते थे।
#नेवी_टैंकर_घोटाला, यह घोटाला #मनमोहन_सिंह के कार्यकाल में हुआ जब कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी थी और सुपर पीएम बन के रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रही थी, इस घोटाले में नेवी के लिए एक टैंकर लिया गया जिसका ठेका एक इटालियन कंपनी फिंकइंटेरिया को दिया गया, इस इटैलियन कंपनी #फिंकइंटेरिया ने दोयम दर्जे का स्टील उस टैंकर के निर्माण में प्रयोग किया, और कुछ ही समय बाद टैंकर नेवी को मिलने के बाद प्रयोग के दौरान उसके हल में दरारें आ गई,
#अगस्ता_वेस्टलैंड_घोटाला, यह घोटाला भी #सोनिया_गांधी की देखरेख में हुआ इसमें इटैलियन कंपनी ऑगस्टा को कॉन्ट्रैक्ट देने हेतु रिक्वायरमेंट्स की शर्तें और हेलीकॉप्टर के स्पेसिफिकेशन ही बदल दिए गये,
हेलीकॉप्टर का जो संस्करण उस समय केवल कागजों पर था उसका सौदा कर लिया गया, यहां तक कि ट्रायल भी किसी दूसरे हेलीकॉप्टर पर करवा दिए गए, पूरा कार्य सोनिया गांधी की देखरेख में हुआ और इसमें बिचौलिया था #क्रिश्चियन_मिशेल, #इटली के कोर्ट में मुकदमा भी चला सोनिया गांधी, #अहमद_पटेल का नाम निकल कर आया और यह भी प्रमाणित हुआ कि भारत के नेताओं और पत्रकारों को घूस दी गई थी, अब क्रिश्चन मिशेल भारत की कस्टडी में है और उसने #मिसेज़_गांधी, इटैलियन औरत की संतान का जिक्र भी किया है।
#राहुल_गांधी के भी संबंध हथियार दलालों से छुपे हुए नहीं है, #नेवी_वार_रूम_लीक केस में अपराधी और हथियारों के बड़े दलाल #अभिषेक_वर्मा व् उसकी विदेशी पत्नी के साथ राहुल गांधी की गुप्त मुलाकात सुर्खियां बटोर चुकी है।
गांधी परिवार के दामाद #रॉबर्ट_वाड्रा का परम मित्र #संजय_भंडारी भी एक हथियारों का दलाल है, और जब सोनिया गांधी सत्ता में थी तो पूरा प्रयास किया गया था की रफाल सौदे में भी संजय भंडारी को एक मोटा कॉन्ट्रैक्ट मिल सके, किंतु एक्सपर्टीज़ के अभाव के कारण #रफाल की निर्माता कंपनी #डसॉल्ट ने संजय भंडारी को कोई भी कॉन्ट्रेक्ट देने से हाथ खड़े कर लिए, इसी संजय भंडारी ने सोनिया गांधी के दामाद और राहुल गांधी के जीजा वाड्रा को विदेश में सम्पत्तियां भी खरीदकर दीं हैं।
आज कांग्रेस के दोनों मालिक, मां-बेटा सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ही 5000 करोड़ के #नेशनल_हेराल्ड_घोटाले में जमानत पर है, जिसमें उन्होंने गैर कानूनी तरीके से #नेशनल_हेराल्ड की 5000 करोड़ की संपत्ति अपने नाम कर ली और वो पैसा डकार गए।
किंतु विडंबना देखिए की वही दागदार लुटेरा #गांधी_परिवार व् #कांग्रेस जिसके हथियार दलालों से पुराने व् घनिष्ठ संबंध रहे है, हर रक्षा सौदे में दलाली और घूस खाने का जिनका इतिहास रहा है,
वो लोग #भाजपा के उस राफेल सौदे पर झूठे आक्षेप लगा रहे है जिस रफाल सौदे को #सुप्रीम_कोर्ट तक पूरी तरह एग्जामिन कर चुका है, और अपने निर्णय में कह चुका है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोई भी गड़बड़ी नहीं है,
किंतु लुटेरी कांग्रेस और घोटालेबाज #गांधी परिवार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी की बेदाग छवि खराब करने हेतु उनपर झूठे आरोप लगाकर किसी प्रकार चुनाव जीतने के हथकंडे अपनाने लगे हैं, आवश्यकता है कि लुटेरी कांग्रेस और घोटालेबाज गांधी परिवार के संग "नेम एंड शेम" की रणनीति का प्रयोग किया जाए।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳 



Friday, January 4, 2019

गाँधी परिवार और उनका कलंकित राजनितिक इतिहास

सुप्रीमकोर्ट द्वारा पूरे राफाल सौदे को किसी भी गड़बड़ी व् अनियमितता से मुक्त पाए जाने और सौदे में सभी नियमों, प्रोटोकोल्स, व् प्राइसिंग की डिटेल्स को अध्यन व् उसके विश्लेषण के बाद हरी झंडी मिलने के बाद,
संसद में वित्त मंत्री द्वारा ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट के विषय मे विस्तार व् स्पष्ट रूप से समझाने के बाद, कि ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट के अंतर्गत कोई भी भारतीय कम्पनी राफाल का निर्माण नही करेगी, राफाल की दोनों स्क्वाडरन यानी सभी 36 विमान फ्लाईआवे कंडीशन यानी पूर्ण रूप से फ्रांस से बनकर आएंगे,
ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट में राफाल का मुख्य कॉन्ट्रेक्ट पाने वाली राफाल की निर्माता कंपनियों को डील की कुल कीमत का 50% भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश करना होगा। यह तथ्य व् साक्ष्यों समेत बताने के बाद
रक्षा मंत्री द्वारा राफाल के बेस वैरियंट( बिना हथियारों के) की प्राइसिंग पर स्पष्ट उत्तर देने के बाद और कांग्रेस के जमाने की डील(जो कभी पूरी न हुई, व् एक दस्तावेज तक साइन नही हुआ)
से तुलना कर कांग्रेस की डील का प्राइस जो कि 737 करोड़ था और NDA की पूरी हुई राफाल डील जिसमे कीमत 670 करोड़ है के तथ्य प्रस्तुत करने के बाद और उसके बाद HAL को NDA सरकार में मिले कुल 1 लाख करोड़ के कॉन्ट्रेक्ट की डिटेल्स प्रमाण सहित देने के बाद,
यदि अब भी राहुल गांधी वही राग अलाप रहे हैं कि राफाल सौदे में गड़बड़ी है और HAL से कॉन्ट्रेक्ट छीन लिया तो आपको समझना होगा कि राहुल गांधी उस धूर्त व् थेथर खनदान से आता है जिस
राहुल के परनाना नेहरू ने
प्रधानमंत्री पद के लिए देश का बंटवारा करवाया और 35 लाख निर्दोष हिन्दू मरवा दिए,
आधा कश्मीर पाकिस्तान को दे दिया और कश्मीर समस्या भारत को दी,
UN सिक्योरिटी काउंसिल की परमानेंट सीट भारत के बदले चीन को दिलवा दी,
देश का प्रथम घोटाला यानी जीप घोटाला किया
तिब्बत चीन को दे दिया,
1962 में भारत को युद्ध हरवाया और भारत की जमीन चीन को दे दी,
राहुल की दादी इंदिरा ने
देश मे टैक्स टेररिज़्म थोपा उद्योगपतियों से 97% तक टैक्स वसूला
1971 में देश भर में बंगलादेशी घुसपैठिये भर दिए,
युद्ध जीतकर भी ईस्ट पाकिस्तान का विलय बंगाल में नही करवाया
1लाख पाकिस्तानी युद्धबन्दी सैनिक बिना कश्मीर लिए वापस कर दिए
देश मे एमरजेंसी लगाकर हजारों विरिधियो को जेलों में डालकर मरवा दिया, लोकतंत्र की हत्या कर दी
जयपुर राजघराने का खजाना लूट लिया
राहुल के बाप राजीव ने
हजारों निर्दोष सिख देश मे मरवाये और फिर "बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है" कहकर उसे उचित ठहराया
श्रीलंका में सेना के हजार से अधिक सैनिक मरवाये
भोपाल गैस कांड में 25000 निर्दोशों को मारने वाले एंडरसन को भगाने में सहायता की
बोफोर्स घोटाला किया, दलाली खाई
स्विस बैंक खाते में लगभग 2 लाख करोड़ का काला धन दबाये बैठे थे
राहुल की मां सोनिया ने
भारत के बैंकों को लूटकर दुनिया का सबसे बड़ा NPA घोटाला किया 32 लाख करोड़ का
दामाद जी, 2जी, कॉमनवेल्थ, थोरियम, ऑगस्टा, एम्ब्रेयर, नेवी टैंकर,एंट्रिक्स देवास जैसी सैंकड़ों घोटालों द्वारा देश को लूटा
सत्ता पाते ही आतंकविरोधी कानून पोटा समाप्त किया और देश मे आतंकवाद को बढ़ावा देकर निर्दोष लोग मरवाये
हिंदुओं के दमन हेतु कम्यूनल वायलेंस बिल जैसा कानून लाया गया जिससे किसी भी हिन्दू को कभी भी अपराधी बनाकर जेल में डाला जा सके और मुस्लिम व् ईसाई हिंदुओं का दमन व् सफाया कर सकें
हिंदुओं को आतंकवादी सिद्ध करने हेतु समझौता ब्लास्ट के इस्लामिक आतंकियों को छोड़ दिया और कर्नल पुरोहित, असीमानन्द और साध्वी प्रज्ञा जैसों को वर्षों तक जेल में बन्दकर यातनाएं दी मारा पीटा
राहुल ने
कांग्रेस कार्यकर्ता की बेटी सुकन्या का बलात्कार किया और उसे परिवार सहित गायब करवा दिया
5000 करोड़ का नेशनल हेराल्ड घोटाला किया और पूरी संपत्ति अपनी मां संग डकार गया
हिंदुओं को आतंकवादी घोषित करवाया और अमेरिकन अम्बेसडर तक को कहा हिन्दू आतंकवाद का झूठा पाठ पढ़ाया
हथियार दलाल अभिषेक वर्मा को नेवी वार रूम लीक केस में सहायता की
अपने जीजा के दोस्त संजय भंडारी को इम्पोर्ट ड्यूटी चोरी करवाने में पूरी सहायता की और रक्षा सौदे भी उसे दिलवाने के प्रयास किया
अपने जीजा की तरह किसान बन कृषि भूमि भी हड़पी, बाद में बात खुलने पर वो जमीन अपने बहन के नाम कर दी।
वर्ष 2000 में अमेरिका के बोस्टन हवाई अड्डे पर अनअकॉन्टेड कैश और स्पेनिश माफिया की बेटी संग पकड़े गए थे, तब वाजपेयी ने छुड़वाया था।
और आज उसी कांग्रेस के मालिक ये गांधी परिवार यानी घोटालेबाज उच्चके लुटेरे माँ-बेटा सोनिया और राहुल 5000 करोड़ के नेशनल हेराल्ड घोटाले में कोर्ट की जमानत हैं और जेल जाने की कगार पर खड़े हैं, किन्तु धूर्त इतने कि भ्र्ष्टाचार की नाली में पड़े हुए ये दोनों जीव बिना किसी दस्तावेज, साक्ष्य, प्रमाण अथवा तथ्य के देश के निष्कलंक प्रधानमंत्री पर झूठे आरोप लगाकर अपना राजनीतिक उल्लू सीधा कर जनता को भृमित कर वोट बटोरने के प्रयास में लगे हुए हैं।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

कांग्रेस व् गाँधी परिवार का मिग-21 घोटाला

गांधी परिवार और कांग्रेस द्वारा रक्षा सौदों के अंतर्गत प्रोक्योर किए गए फाइटर प्लेन्स की बात करें तो आपको बता दें कि:
♦️ घोटालेबाज कांग्रेस ने 1200 मिग-21 फाइटर विमान इंडक्ट किये थे,
♦️ उन मिग-21 की घटिया गुणवत्ता का अनुमान इसी तथ्य से लगा लीजिए कि उन 1200 मिग-21 में से 840 मिग-21 क्रैश हो गये,
♦️ इन घटिया क़्वालिटी के मिग-21 के क्रैश में 170 भारतीय पायलट मारे गए और 40 भारतीय नागरिक भी काल के गाल में समा गए।
क्या देश मे किसी जागरूक उन्नतिशील बुद्धिजीवी या पत्रकार ने कांग्रेस और गांधी परिवार से प्रश्न किया कि कांग्रेस और गांधी परिवार ने घटिया क़्वालिटी के ये दोयम दर्जे के पुर्जों वाले मिग-21 क्यों वायुसेना को पकड़ा दिए ?
कांग्रेस ने घटिया क़्वालिटी के मिग-21 द्वारा 170 निर्दोष पायलट और देश के 40 निर्दोष नागरिक मरवा दिए,
उन 210 निर्दोषों की हत्या की जिम्मेदार कांग्रेस और गांधी परिवार ही है, और उस लुटरे परिवार को 210 हत्याओं के अपराध का दंड मिलना चाहिए,
आज एक फाइटर जेट डील के नाम पर फर्जी आरोप लगाकर बवाल काटने वाली कांग्रेस को पहले रक्षा सौदों में खुद के किये घोटाले और कुकर्मों पर दृष्टि डालने की आवश्यकता है।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

Thursday, January 3, 2019

कांग्रेस के दरबारी पत्रकारों का पाखंड व् कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का झूठ

आज मैं आपको न्यूज़-ट्रेडर, उर्फ़ प्रेस्टीट्यूट, उर्फ़ प्रेश्याओँ, उर्फ़ दलाल पत्रकारों, उर्फ़ दरबारी पत्रकारों की परिभाषा देने जा रहा हूँ |
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तथ्य:
⭕️ रफाल सौदे की कुल कीमत 58 हजार करोड़ रुपए।
⭕️ डील के अंतर्गत ऑफसेट क्लॉज़ 50%।
⭕️ यानी भारत से की जाने वाली खरीदारी 29 हजार करोड़ रूपये।
⭕️ 29 हजार करोड़ में हिस्सा डसाल्ट, सफरन और थेल्स का।
⭕️ डसाल्ट द्वारा भारतीय कम्पनीयों संग ज्वाइंट वेंचर और उससे की जाने वाली खरीदारी 8400 करोड़।
⭕️ डसाल्ट द्वारा खरीदारी ज्वाइंट वेंचर व् निवेश हेतु चुनी गई छोटी बड़ी भारतीय कंपनियों की कुल संख्या 56,
जिनमे से एक कंम्पनी अनिल अंबानी की।
⭕️ अनिल अंबानी की कंपनी को मिले कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 450 करोड़।
💥 ️ राहुल गांधी और कांग्रेस जिस रफाल डील को 10 वर्ष में पूरा नहीं कर सके और उसका हवाला देकर 526 करोड़ का आंकड़ा उछाल रहे हैं वह केवल विमान की कीमत है,
जिसमे न कोई हथियार व् मिसाइल था, न कोई ट्रेनिंग क्लॉज़, न स्पेयर्स और लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट, न सर्विस और मेंटेनेंस एग्रीमेंट, न ही फ़लीट अवेलिबिलिटी क्लॉज़,न ही विमान की क़्वालिटी पर लेटर ऑफ़ एश्योरेंस था, न ही उस डील में AESA रडार सम्मिलित था,
💥 जबकि आज जो लगभग 1600 करोड़ की कीमत है वो पुरे वेपनाइज़्ड हथियारों व् METEOR और SCALP जैसे मिसाइलों से लैस फुली लोडेड राफाल की है, जिसमे लॉजिस्टिक्स स्पोर्ट, स्पेयर्स-मेंटेनेंस सर्विस एग्रीमेंट, ट्रेनिंग क्लॉज़, फ़लीट अवेलिबिलिटी क्लॉज़, क़्वालिटी पर लेटर ऑफ़ एश्योरेंस हैं और लेटेस्ट RBE2-AA AESA राडार भी सम्मिलित है
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कांग्रेस का अध्यक्ष राहुल गांधी जो खुद 5000 करोड़ के नेशनल हेराल्ड घोटाले में कोर्ट से मिली जमानत पर बाहर है, वो अपने दरबारी पत्रकारों को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के नाम पर मजमा लगाता है, और कहता है कि “नरेंद्र मोदी ने 526 करोड़ का विमान 1600 करोड़ में लिया और अनिल अंबानी को ₹30,000 करोड़ दे दिए”
🌑 अब सारे तथ्य सामने होने के बावजूद भी उन दरबारी पत्रकारों में से एक भी व्यक्ति घोटालेबाज जमानती राहुल गांधी से इस आंकड़े पर प्रमाण व् साक्ष्य नहीं मांगता,
🌑 सारे तथ्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमाणित होने के बाद भी कोई दरबारी पत्रकार राहुल गांधी के आगे यह तथ्य रखकर उससे प्रश्न नहीं करता,
🌑 कोई दरबारी पत्रकार नहीं पूछता की यदि कांग्रेस की डील इतनी अच्छी थी, तो 10 वर्ष में कांग्रेस उसे पूर्ण क्यों नहीं कर सकी ?
🌑कोई दरबारी पत्रकार नहीं पूछता कि कांग्रेस की डील में क्या राफाल के हथियार, लॉजिस्टिक्स स्पोर्ट, मेंटेनेंस, सर्विस एग्रीमेंट, ट्रेनिंग क्लॉज़, फ़लीट अवेलिबिलिटी क्लॉज़ AESA रडार सम्मिलित था ?
यही हमारे देश के पत्रकारों का स्तर है, जो 1947 से लेकर आज तक इस लुटेरे घोटालेबाज गांधी परिवार के चरणों में लोटते रहे हैं और यह घोटालेबाज कांग्रेस और लुटेरा गांधी परिवार इनके आगे हड्डियां डालकर इनका मुंह बंद कर सैकड़ों घोटालों और रक्षा सौदों में मोटी घूस खाकर देश को लूटता रहा है।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

डोनल्ड ट्रंप द्वारा मोदी का उपहास उड़ाना विकृत अमेरिकी सोच का परिचायक

डॉनल्ड ट्रंप बाबू को इस बात की मिर्ची लगी हुई है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टैंडिंग आर्मी के मालिक भारत ने अमेरिका के कहने पर अफगानिस्तान में अपनी फौज नहीं डिप्लॉय की,
और इसी खुन्नस में आज वो नरेंद्र मोदी द्वारा अफगानिस्तान में एक पुस्तकालय बनवाने का उपहास उड़ा रहे,
मैं नहीं जानता कि डोनाल्ड ट्रम्प को शिक्षा का महत्व कितना समझ में आता है, किंतु डॉनल्ड ट्रंप से मैं जानना चाहूंगा यदि अफगानिस्तान में सेना की उपस्थिति इतनी ही जरूरी है तो अमेरिका क्यों इतने वर्षों से निरंतर अफगानिस्तान से अपनी सेना कम करता जा रहा है, और आज वहां से किसी भी तरह निकलने की फिराक में क्यों है ?
यदि डॉनल्ड ट्रंप यह सोच कर बैठे हैं की अमेरिकंस अफगानिस्तान से निकल जाएंगे, और उनके स्थान पर इंडियन फोर्सेज अफगानिस्तान संभालेगी तो डोनल्ड ट्रम्प को यह पता होना चाहिए कि अफगानिस्तान अमेरिका द्वारा उत्पन्न की गई समस्या है,
अमेरिकंस जितना शीघ्र यह समझ व् स्वीकार लें कि भारत कोई पाकिस्तान नहीं है, और भारत तथा पाकिस्तान में जमीन आसमान का अंतर है, और यह अंतर सदैव बना रहेगा, उतना ही दोनों देशों के आपसी सम्बन्धों के लिए अच्छा होगा, हम भारतीय कोई मर्सिनरी नहीं हैं जो पैसों के बदले अपने सैनिकों को दूसरों के लिये मरने भेज दें, भारत ने दुनिया भर में अमेरिका की फैलाई अव्यवस्था को साफ करने का ठेका नहीं ले रखा है,
अफगानिस्तान की समस्या अमेरिका द्वारा निर्मित की गई है ,
किंतु उसके बावजूद भी :
🌀 भारत पूरे एशिया में अफगानिस्तान को सर्वाधिक दान देने वाला और विश्व का 5वां सर्वाधिक दान देने वाला देश है,
🌀 भारत अफगानिस्तान में सड़कों का निर्माण कर रहा है,
🌀 अफ़ग़ान पार्लियामेंट भारत ने बनाया है
🌀 पानी की कमी से जूझने वाले अफगानिस्तान को बांध बनाकर भारत ने दिए हैं
🌀 भारत ने अफगानिस्तान को 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता दी है
🌀 1500 से अधिक अफगानों को स्कॉलरशिप दी है
🌀 भारत, अफगानिस्तान के नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है
🌀 16000 अफगानी छात्र आज विभिन्न सहायता प्रोग्राम के अंतर्गत भारत में पढ़ रहे हैं
🌀 सैकड़ों भारतीय कंपनियां और भारतीय प्रोफेशनल अफगानिस्तान का पुनर्निर्माण करने में लगे हुए हैं
🌀 अफगानी सैनिकों और फोर्सेस को भारत ट्रेन कर रहा है
🌀 अफगानिस्तान की सेना को आतंकियों से निपटने हेतु हैलीकॉप्टर गनशिप भारत ने दिए हैं
और इस सबके बावजूद ट्रम्प को यदि केवल भारत द्वारा अफगानिस्तान में निर्मित लाइब्रेरी ही दिखती है,
तो यह उनका संकीर्ण व् विकृत दृष्टिकोण है,
डॉनल्ड ट्रंप जैसे लोगों को यह समझने की आवश्यकता है की हर देश ना तो ब्रिटेन की तरह अमेरिका का पिछलग्गू बन सकता है, ना ही पाकिस्तान की तरह पैसों के बदले उनकी गंदगी उठाने वाला,
कुछ देशों का अपना स्वयं का आत्मसम्मान होता है और वे किसी अन्य की आर्थिक सहायता पर निर्भर नही होते, और वे दूसरों के साथ बराबरी का व्यवहार चाहते हैं।
किंतु हां मैं स्वीकार करता हूं कि अमेरिका ने पिछले 4.5 वर्षों में विभिन्न वैश्विक फोरम पर भारत के लिए लॉबिंग की है, एमटीसीआर, वासेनार ऑस्ट्रेलियन ग्रुप में भारत को सदस्यता दिलवाने में भूमिका निभाई है, साथ ही साथ एनएसजी में भी भारत का स्थान सुनिश्चित करने हेतु प्रयास किया, अपाचे, चिनूक, प्रिडेटर जैसे आर्म्ड ड्रोन बेचे हैं, परंतु याद रखें भारत ने यह सारे हथियार उनका मूल्य चुकाकर खरीदे हैं पाकिस्तान की तरह दान में नहीं लिए हैं,
और यह भी सत्य है कि इस सबके पीछे अमेरिका का अपना हित है और चीन को कंटेन करने के लिए उसे एशिया में भारत जैसी सशक्त आर्थिक, सामरिक और सैन्य महाशक्ति की आवश्यकता है, अतः ट्रम्प जैसों को अब वस्त्वविक्ता स्वीकारने की और भारत के निर्णयों का सम्मान करने की आदत डाल लेनी चाहिए।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

Tuesday, January 1, 2019

रफाल की विशेषता व् प्रमुख हथियार

हम सबने रफाल का नाम और इसपर व्यर्थ की कंट्रोवर्सी के विषय में तो बहुत सुना है, हममे से कई लोग इस विमान की विशेषताओं से भी परिचित हैं जैसे:
☀️ लो RCS(राडार क्रोस सेक्शन) और लो इंफ्रारेड सिग्नेचर जिसके कारण ये स्टेल्थ क्षमता युक्त विमान आसानी से रडार पर नही आता,
☀️ डेल्टा विंग डिज़ाइन के कारण इसकी उच्च मनुवरेबल क्षमता,
☀️ इसके RBE2-AA एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड ऐरे रडार के विषय में भी सुना है जिसकी टारगेट डिटेक्शन रेंज 200 किमी+ है, एक बार में 40 टारगेट ट्रैक कर सकता है, एक ही समय में 8 टारगेट को एकसाथ इंगेज कर सकता है, लो ऑब्ज़र्वेबल टारगेट भी डिटेक्ट कर सकता है, और इसका रडार बड़ी डिटेक्शन वेव्स उतपन्न करता है जिसके कारण इसे जैम करना कठिन है,
☀️ इसके इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट SPECTRA के विषय में सुना है जो राफाल को इंफ्रारेड होमिंग, लेज़र, रेडियो फ्रिकवेंसी जैसे खतरों से बचाता है और ऐसी थ्रेट्स को दूर से ही एकदम सटीक पहचान लेता है और ये राडार वार्निंग रिसीवर, लेज़र वार्निंग रिसीवर, मिसाईल एप्परोच वार्निंग, के साथ फेज़ड ऐरे रडार जैमर से युक्त है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ही डीकॉय प्रयोग कर देता है।
☀️ ग्राउंड अटैक हेतु राफाल के Thales Damocles टार्गेटिंग पॉड के विषय में सुन रखा है जो उत्कृष्ट परफॉर्मेंस देता है और लंबी दूरी का लेज़र डेसिग्नेटर, इंटीग्रेटेड नैविगेशन , हाई रज़ोल्यूशन इमेजरी उपलब्ध करवाने के साथ पेववे, लेज़र गाइडेड बम, इमेजरी गाइडेड बम, AASM GPS/INS गाइडेड हथियार प्रयोग करने में सक्षम है,
और रियल टाइम में युद्ध क्षेत्र की इमेजरी गराउंड स्टेशन्स को भेज सकने के साथ ही लेज़र वेपन्स को 16 किमी की लम्बी रेंज तक गाइड करने के अलावा 27 किमी दूर से आर्मर्ड वेहिकल्स की टारगेट कर सकता है और उसी रेंज पर पोस्ट स्ट्राईक विश्लेषण करने में भी सक्षम है
☀️ इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैकिंग हेतु राफाल OSF (Optronique secteur frontal) का प्रयोग करता है, इसका बाईं ओर का प्रमुख इंफ्रारेड डिटेक्टर एयर टारगेट को पैसिव सर्च में 100+ किमी दूर से ट्रैक कर सकता है और दाईं ओर के इंफ्रारेड सेंसर की क्षमता 40+ किमी है जिसमे लेज़र रेंजफाइंडर सम्मिलत है और जिसके द्वारा राफाल बिना टारगेट से इंगेज हुए ही उसे पहचान सकता है
किंतु इस सबके अतिरिक्त क्या आप जानते हैं कि राफाल के आर्सेनल में दो सबसे घातक कन्वेंशनल हथियार कौन से है ?
पहला है
☀️ विश्व की सबसे उन्नत MBDA की Meteor बियोंड विज़ुअल रेंज एयर-एयर मिसाईल,
इस मिसाइल की गति ध्वनि की गति से चार गुनी अधिक है यानी कि mach-4,
इसकी नो एस्केप रेंज 100 किलोमीटर है यानी कि यदि टारगेट 100 किलोमीटर के अंदर है तो कुछ भी मनुवर करने के बावजूद उसका बच के निकलना असंभव हो जाता है, विश्व में केवल एक ही मिसाइल है जिससे इसकी तुलना हो सकती है अब वह है अमेरिकन A120D किन्तु उसकी नो एस्केप ज़ोन Meteor से एक तिहाई है।
यह रैमजेट इंजन पर आधारित है जो ठोस ईंधन पर चलता है, किन्तु लांच के बाद यह अपने एयर इनलेट खोलकर इंजन में ऑक्सीजन जलाकर गति प्राप्त करने लगता है जिसके कारण ये ध्वनि की गति से 4 गुनी अधिक गति प्राप्त कर लेता है, और इसकी ये गति ही इसके टारगेट को बच निकलने का कोई अवसर नही देती,
Metoer का ऑनबोर्ड डेटा लिंक इसे निरन्तर अपने टारगेट की लोकेशन से अवगत कराता रहता है और उसीके अनुसार Meteor अपने टारगेट की ओर बढ़ते हुए उसकी उपस्थिति और बदलती हुई दिशा के अनुसार अपना पाथ टारगेट की लोकेशन के अनुसार ही बदलती रहती है,
पूरे दक्षिण एशिया में किसी भी देश के पास Meteor की बराबरी कर सकने वाली इस श्रेणी की बियोंड विज़ुअल रेंज एयर टु एयर मिसाइल नही है, और इसीलिए यह भारतीय वायु सेना के लिए एक गेमचेंजर अस्त्र है
☀️ दूसरा हथियार है MBDA की स्टॉर्म शैडो/ SCALP फायर एंड फॉरगेट, एयर लांच क्रूज़ मिसाइल,
जिसकी ऑपरेशनल रेंज 560 किमी से अधिक है
टर्बोजेट इंजनयुक्त इस मिसाइल की गति है 1000 किमी/घण्टा
इसकी विशेषता यह है की 1000किमी/घण्टे की गति से चलते हुए भी ये टेरेन मैपिंग का प्रयोग कर सतह के निकट रहकर नीची उड़ान भरते हुए आगे बढ़ती है, जिसके कारण इसे राडार पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है,
साथ ही 560 किमी + लॉन्ग रेंज की क्षमता के कारण ये दूर स्थित महत्वपूर्ण टारगेट को ध्वस्त कर सकती है,
SCALP 450 किलो के भीमकाय वारहेड के साथ आती है जो इसे भीषण विध्वंस करने में सक्षम बनाती है, यह एक मिसाइल 45 बंकर तक पूर्णतः ध्वस्त कर सकती है,
पूरी मिसाइल का वजन 1300 किलो तक होता है,
ISIS के विरुद्ध इसी SCALP मिसाइल का प्रयोग हुआ था और इसने अपनी क्षमता प्रमाणित भी की थी।
यह तो थी कन्वेंशनल वेपन्स की बात, किन्तु राफाल की एक विशेषता यह भी है कि ये न्यूक्लियर अटैक करने में सक्षम है और WMD यानी वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन भी समय आने पर प्रयोग कर सकता है , और अब यदि राफाल के आर्सेनल में सबसे घातक नॉन कन्वेंशनल वेपन यानी न्यूक्लियर वेपन की बात करें तो वो है
☀️ ASMP-A न्यूक्लियर मिसाईल
जिसकी रेंज 500+ किमी है,
गति ध्वनि से तीन गुना अधिक है यानी mach-3,
वजन 860 किलो है,
अपने साथ 300 किलोटन का थर्मो-न्यूक्लियर वारहेड लेकर जा सकती है,
यह सुपरसोनिक मिसाइल रैमजेट इंजन युक्त है जो
लिक्विड ईंधन पर काम करता है।
यही वो हथियार हैं जिनके भारत के पास आ जाने से लंबे समय के लिए दक्षिण एशिया में एरियल वारफेयर के डायनेमिक्स ही बदल जाएंगे, और भारतीय वायु सेना दक्षिण एशिया में पुनः एक अनमैच्ड डोमिनेटिंग फोर्स बनकर उभरेगी।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳






Sunday, December 23, 2018

आज भारतीय सेना ने कश्मीर के अवंतीपुरा में 6 आतंकी ठोके,
इससे भी रोचक बात यह है कि इस बार जब तक सेना और आतंकियों के बीच एनकाउंटर चल रहा था,स्थानीय लोगों द्वारा सेना पर एक भी पत्थर नहीं फेंका गया, न ही कश्मीर का कोई भी "भटका हुआ युवा" एनकाउंटर साइट पर आतंकियों को भागने में सहायता करने आया,
सम्भवतः पिछली बार एनकाउंटर के समय सेना पर पत्तरबाजी करने वालों में से सेना ने 8 पत्तरबाजों को 72 हूरों के पास भेजकर जो सन्देश दिया था वो घाटी में सबको समझ आ गया, और यह भी प्रमाणित हो गया कि लातों के भूत, बातों से नही मानते।
राष्ट्रपति शासन के कारण आज सेना को जो स्वतन्त्रता मिली हुई है यह उसीका परिणम है, और आज़ादी के नाम पर निज़ामे मुस्तफा लाने के प्रयास में जो लौंडे मुजाहिद लगे हुए हैं उनके मन मे सेना का जो डर बना है यह एक बहुत अच्छा शगुन है तथा भविष्य में भी यह डर बना रहना चहिये।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

Friday, December 21, 2018

लुटेरी कांग्रेस के नेता वीरप्पा मोइली ने वायुसेना अध्यक्ष को गलियां दी और झूठा कहा

No photo description available.राफाल पर इटैलीयन लुटेरों के गुलामों की थेथरयी अब सीमाएं लाँघ गयी है,
वायु सेना प्रमुख बी.एस धनोआ का पूरा करियर विवादों से दूर रहा है, और इतने सम्मानित व् सुसज्जित व्यक्ति जिसके हाथ में देश की वायु सेना की कमान है के विषय में कांग्रेसी पालतू वीरप्पा मोयली का बकवास करना और अनर्गल आरोप लगाना अक्षम्य है,
वह भी तब जब पद के नियमों कानूनों से बंधा हुआ वायुसेना प्रमुख स्वयं इन आरोपों का उत्तर तक देने के अधिकार से वंचित है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि घोटालेबाज लुटेरे उच्चक्के परजीवी नेहरू-गांधी परिवार के ये पाले हुए पिस्सू कांग्रेसी अपने मालिकों का इतिहास सुनते ही बिलबिला जाते हैं
🕸️ चाहें नेहरू का जीप घोटाला हो
🕸️ इंदिरा द्वारा गायत्री देवी के खजाने की लूट हो
🕸️ राजीव गांधी द्वारा बोफोर्स घोटाले की उच्चकागिरी हो
🕸️ सोनिया गांधी द्वारा ऑगस्टा वेस्टलैंड, नेवी टैंकर, एम्ब्रेयर व् नेशनल हेराल्ड की लूट हो
🕸️ राहुल गांधी द्वारा नेशनल हेराल्ड की सम्पत्ति डकारने का मामला हो
वस्त्विक्ता यह है कि आज लुटेरी कांग्रेस का मालिक डकैत गांधी परिवार 5000 करोड़ के नेशनल हेराल्ड घोटाले के केस में फंसा है और जमानत पर बाहर है,
किन्तु ये कांग्रेसी अपना राजनितिक उल्लू सीधा करने हेतु राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों से खिलवाड़ करने को आतुर हैं और वायुसेना प्रमुख जैसे सम्मानित व् गैर-राजनीतिक व्यक्ति पर भी झूठे आरोप लगाकर अपनी घटिया थेथरई का परिचय दे रहे हैं।
🇮🇳Rohan Sharma🇮🇳

Thursday, August 17, 2017

क्या भारत चीन से टकराने में सक्षम नहीं है, आईये परखते हैं की ये कितना सत्य है ?

बहुत से पत्रकार ये विचार फैलाने में लगे हैं की यदि भारत चीन का युद्ध हुआ तो भारत चीन से लड़ने में सक्षम नहीं है, किंतु ध्यान देने योग्य बात ये है की इन पत्रकारों को न तो सैन्य रणनीति का ज्ञान है, न भारत-चीन की थल व् जल  सीमाओं की भौगोलिक परिस्थितियों का, इनमें से कइयों ने तो आज तक LAC (लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल) भी नही देखी है, युद्ध की नीतियों व् सामान्य  नियमों से ये पूर्णतः अनभिज्ञ  है, 
सत्य ये है की चीन की जल,थल व् वायु सेना अनुभवहीन है, युद्ध में चीन छोटे से देश वियतनाम से और 1967  में  भारत से हार चुका है, अब यहाँ मैं केवल भारत को रक्षात्मक भूमिका में रखकर चीन द्वारा थोपे गए युद्ध के समय भारत की क्षमता को आज की परिस्थितियों के परिपेक्ष्य  में  रखकर आपसे परिचित करवाने का प्रयास कर रहा हूँ,

आज की युद्ध-नीति का नियम है की  रक्षात्मक मुद्रा में बैठी सेना से जीतने हेतु 9:1 के रेशियो की आवश्यकता होती है, अर्थार्थ हर एक रक्षात्मक सैनिक के लिए 9 आक्रमणकारी सैनिक चाहिए, भारत ने करीब 1.5 लाख सैनिक चीन सीमा पर तैनात कर रखे हैं, जिसका मतलब उनसे निपटने के लिए चीन को 13.5 लाख सैनिक चाहिए, जो आंकड़ा चीन के पास नहीं है, इसके अलावा भारत ने दो माउंटेन डिविजन डोकलाम में लगा रखी है, और यहाँ भारतीय सेना ऊँचाई पर बैठी है जिसका सीधा रणनीतिक लाभ भारत को है,

चीन अपनी आवश्यकता का 80% तेल आयात करता है जो अंडमान के पास मलक्का स्ट्रेट से जाता है जो मात्र 1.7 किमी चौड़ा है और अंडमान में भारत का नौसैनिक अड्डा है, जहाँ यदि भारतीय नेवी ब्लॉकेड कर दे तो चीन तेल की एक एक बूँद के लिए मोहताज हो जायेगा और केवल अपने उसी तेल पर निर्भर रहेगा को उसने संग्रह कर के रख छोड़ा होगा, और तेल के अभाव में कोई भी सेना लम्बे समय तक युद्ध नहीं लड़ सकती,

चीन यदि मिसाइलों व् वायुसेना का प्रयोग करता है तो फिर सीधा युद्ध होगा जिसमे भारत विश्व की सबसे तीव्रतम क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस का प्रयोग करेगा जो ध्वनि की गति से 3.5 गुना अधिक तेज है जिसकी रेंज MTCR के सदस्य बनने के बाद भारत दोगुनी कर चुका है जिसे केवल विश्व में एक ही मिसाइल रोक सकती है बराक-8 जो केवल भारत व् इसराइल के पास है, और ब्रह्मोस किसी भी आगे बढती सैन्य टुकड़ी, जहाज  व् एयरक्राफ़्ट कैरियर तक को नष्ट कर सकती है, इसके अलावा भारत प्रहार, पृथ्वी-II,पृथ्वी-III,शौर्य, अग्नि-I,अग्नि-II,अग्नि-III,अग्नि-IV जैसी घातक मिसाइलों से चीन के शहरों पर भी आक्रमण कर सकता है, ध्यान देने की बात ये हैं की चीन के पास कोई बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम नहीं है,

चीनी हवाई हमलों,  मिसाइलों व्  युद्धक विमानों के लिए भारतीय सेना के पास पर्याप्त  संख्या में स्टिंगर, बराक-8, आकाश, S-125, S-200, 9K33 Osa, 9K35 Strela-10, 9K22 Tunguska, SA-18 Grouse जैसी मिसाइल हैं, जो चीन के हवाई आक्रमण से निपटने में सक्षम हैं, यह स्थिति तब की है यदि भारत वायु सेना का प्रयोग न करे, यदि वायु सेना युद्ध में उतरती है तो MIG21, MIG29, Sukhoi30-MKI, MIRAGE-2000 जैसे युद्धक विमान विश्व के सर्वाधिक ट्रेंड भारतीय पायलट्स के हाथों में इतने घातक तो हैं ही की भारतीय एयरस्पेस से चीन के विमानों का सकुशल वापस जाना असंभव बना दें 

इंडियन ओशन क्षेत्र में  P8i व् MIG29K जैसे एयरक्राफ्ट, आईएनएस विक्रमादित्य जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर, आईएनएस चक्र, आईएनएस अरिहंत, आईएनएस चक्र, सिंधुघोष, शिशुमार क्लास की न्यूक्लियर व् कन्वेंशनल सबमरीन, कोलकाता, दिल्ली व् राजपूत क्लास के डीस्ट्रॉयर, शिवालिक, तलवार, ब्रह्मपुत्र व् गोदावरी क्लास के फ्रिगेट्स व्  बराक-8, सागरिका, K-4 व् ब्रह्मोस से लैस  भारतीय नेवी की स्थिति सिर्फ इस बात से समझ लीजिये की इस जल क्षेत्र से भारतीय नेवी इतनी भली प्रकार परिचित है अमेरिकी नेवी से युद्ध अभ्यास में पलड़ा बराबरी का रहा था,


अंत में यदि स्थिति परमाणु युद्ध तक आई तो भारत व् चीन दोनों के प्रमुख शहर एक दूसरे की मिसाइलों की जद में हैं और दोनों ही परमाणु शक्ति सम्पन्न देश हैं और चीन भली प्रकार जनता है की भारत के पास सेकेंड स्ट्राइक की क्षमता है अर्थार्त भारत समुद्र में कहीं से भी अपनी पनडुब्बी से परमाणु मिसाइल सागरिका या K-4 का प्रयोग कर सकता है

चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात पर निर्भर हैं और लगभग सभी देश चीन के सस्ते कम गुणवत्ता वाले उत्पादों के कारण व्यापार घाटे से त्रस्त हैं, और इस समय अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, जापान व् लगभग संपूर्ण यूरोप जो चीन के लिए एक बड़े बाजार की तरह है वो भारत के साथ है, 
युद्ध की दशा में ये देश चीन पर आर्थिक प्रतिबन्ध लगा सकते हैं जिससे चीनी अर्थव्यवस्था की कमर टूटना तय है, पश्चिमी देशों व् अमेरिका के भारत से घनिष्ठ होते सम्बन्धों को देखकर एक बात से इंकार नहीं किया जा सकता की चीन से सीधे युद्ध की स्थिति में नाटो फोर्सेस भारत के पक्ष में युद्ध कर सकती है, ऐसी स्थिति में चीन के पास केवल पाकिस्तान और नार्थ कोरिया जैसे सहयोगी होंगे और आर्थिक संकट से जूझ रहा रूस तटस्थ भूमिका में रहेगा,

मिडिया, पत्रकार बुद्धिजीवी स्वघोषित विश्लेषक चाहे कुछ भी दावे कर लें किन्तु यथार्थ यही है की भारत चीनी आक्रमण से निपटने में व् चीन को गम्भीर व् भारी क्षति पहुँचाने में पूर्ण रूप से सक्षम है और चीन भी भली प्रकार जानता है की भारत से युद्ध में जो आर्थिक क्षति उसे पहुंचेगी वो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए न केवल घातक सिद्ध होगी, अपीतु चीन के अपने आपको आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखने के स्वप्न को सदैव के लिए चकनाचूर कर देगी, और दूसरी ओर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी जो एक प्रोपगैंडा के अंतर्गत अपने को सर्वशक्तिमान दिखाकर लोकतंत्र की मांग करने वालों के हौसलों का आजतक दमन करती आई है उसके लिए युद्ध के उपरांत उठ खड़े होने वाली लोकतंत्र की मांग और बगावत से निपटना बहोत कठिन होगा और सम्भव है चीन में गृहयुद्ध की स्थिति आ जाये और आर्थिक संकट से पीड़ित चीन सोवियत संघ की तरह कई टुकड़ों में टूट जाये

लेखक: रोहन शर्मा

Tuesday, April 25, 2017

Why Indian Army is the right weapon to deal with Maoist rather than CRPF

Using CRPF to deal with Maoist is wrong strategy and is meant to backfire, Indian Army is the right weapon to deal with Maoist because other than COBRA commandos CRPF is neither fully prepared nor equipped & doesn’t have the autonomy which is required to deal with these Maoists


CRPF is Central Reserve Police Force, they are deployed anywhere and everywhere within the country be it search & rescue operations, conducting elections, maintaining law & order situation in cities and villages in cases of riots or some other mishap, organizing an event and its security, but jungle warfare with Maoist in difficult terrains is something completely different,  other than COBRA commandos of CRPF its men are not properly trained for jungle & guerrilla warfare, and CRPF doesn’t have COBRA commandos in such a large number who can take on widespread Maoist in various states of the country.


CRPF lacks highly advanced and sophisticated weapons, equipment and gears which Indian Army and other commando-SF carries,


Biggest drawback with CRPF dealing with Maoist is that CRPF is accountable & answerable to state govt and has to work in sync with local police, CRPF men could be tried in court and they could even lose their jobs, and human rights lobbies have shown us how they destroy lives of these poor men in uniform just because they performed their duty, whereas Army enjoys immunity & autonomy given to them by law of the land, state and local police can't interfere in their job, and they are not answerable to them, which is the biggest advantage and edge which Indian Army has over CRPF in dealing with tough situation.

Indian army is well equipped with expertise, weapons, equipment and gears, has well trained units in jungle & mountain warfare who are expert in guerrilla warfare as well, Indian Army has its own Air wing, army can even take help from special forces like GHATAK (shock troops) which it commands and even Special Frontier Force which isn’t even answerable to parliament but only to Indian Union’s Cabinet Secretariat and is controlled by RAW (Research & Analysis Wing)

with such lethal and potent options available what is the point in risking lives of our CRPF men when they are not yet ready to deal with the challenge.

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